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Published On: Thu, Dec 19th, 2019

Policies of Government are responsible for shabby financial conditions of Indian Railways – Com. Shiva Gopal Mishra

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जोधपुर, 19 दिसंबर । आँल इंडिया रेलवे मेन्स फैडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहा है कि सरकार की दोषपूर्ण नीतियों की वजह से कोयला और स्टील की ढुलाई में कमी आई है, इससे भी भारतीय रेल का आँपरेशन रेसियो लगातार बढ़ता जा रहा है। महामंत्री ने रेल को बेचे जाने से बचाने के लिए जंग का ऐलान करते हुए कहाकि इस समय भारतीय रेल के सामने गंभीर चुनौती है, अगर हमने एकजुट होकर संघर्ष नहीं किया तो रेल को बचाना मुश्किल होगा। इतना ही नहीं केंद्र की सरकार पूरी तरह कर्मचारी विरोधी है, वो कानून बनाकर श्रमिकों और श्रमिक संगठनों को पंगु बनाने की साजिश कर रही है।
फैडरेशन के महामंत्री आज जोधपुर में एनडब्ल्यूआरईयू के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। महामंत्री ने कहाकि सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए अब बड़ा कदम उठाना ही होगा! अगर समय रहते हमने सरकार को सबक नही सिखाया तो जुल्म ज़्यादती बढ़ती जाएगी ! महामंत्री ने कहाकि एआईआरएफ के चेन्नई अधिवेशन में हमने तय किया है अगर अब मंत्रालय निजीकरण, निगमीकरण पर कुछ भी नया कदम उठाता है तो रेल का चक्का जाम किया जाएगा ! इस आंदोलन को कामयाब बनाने के लिए हमें सभी के साथ मिलकर संघर्ष में उतरना होगा, इसके लिए अन्य फेडरेशन, ट्रेड यूनियन, एसोसिएशन से बात की जा रही है और एकराय बनाने की कोशिश हो रही है। यहाँ मौजूद नेताओं और रेल कर्मचारियों ने संकल्प लिया भारतीय रेल भारतीय ही रहेगी, इसे अंबानी अडानी रेल नही होने देंगे ! महामंत्री ने साफ कर दिया कि जब तक एआईआरएफ है हम सरकार के मसूबों को पूरा नहीं होने देंगे, लेकिन आपकी एकजुटता जरूरी है।
महामंत्री ने कहाकि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज माल ढुलाई प्रभावित हो रही है, कोयला और स्टील की ढुलाई में लगातार कमी आ रही है। इससे हमारा आँपरेशन रेसियो भी बढ़ता जा रहा है। इसके बाद भी सरकार अपनी दोषपूर्ण नीतियों की समीक्षा कर इसे दुरुस्त करने के बजाए रेलकर्मचारियों को निशाना बनाने की साजिश कर रही है। महामंत्री ने भारतीय रेल के हालातों पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि सरकार की नीतियां न सिर्फ रेल और रेलकर्मियों के खिलाफ है, बल्कि ये देश के उन करोड़ों रेलयात्रियों के भी खिलाफ है जो आज भी सफर के लिए रेल का ही सहारा लेते है ! महामंत्री ने कहाकि आज रेलकर्मी 22 हजार ट्रेन रोजाना चला रहे है, फिर भी ऐसा क्या है कि हम 150 कामर्शियल ट्रेन नही चला सकते ? श्री मिश्रा ने निजीकरण और निगमीकरण के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का ऐलान करते हुए सरकार पर हमला किया, और कहाकि आज सरकार सिर्फ पांच फीसदी लोगों के बारे में सोचती है, उनके लिए हर सुविधा मुहैया कराई जा रही है, अगर सरकार को बाकी 95 फीसदी लोगों की फिक्र होती तो कम से कम वो रेल बेचने की कोशिश नहीं करती।
महामंत्री ने रेलकर्मचारियों से कहा कि आज सरकार श्रमिको के खिलाफ एक बड़ी साजिश में लगी हुई है, वो श्रमिकों के हितों को कुचलने में लगी हुई है। यही वजह है कि श्रम कानूनों में बदलाव कर ऐसे प्रावधान किए जा रहे जिससे यूनियन कमजोर हो। कहा जा रहा है कि यूनियन बनाने में मालिक की सहमति जरूरी है, अब कौन मालिक चाहेगा कि उसके प्रतिष्ठान में यूनियन बने ? सभी को पता है कि प्राइवेट सेक्टर में जैसे ही यूनियन की बात होती है, अगले ही दिन उस कर्मचारी की छुट्टी कर दी जाती है।
महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने दोहराया कि एक्ट अपरेंटिस के मामला में हम चाहते कि पुरानी व्यवस्था बहाल हो ! जैसे पहले सभी अपरेंटिस को नोकरी मिलती थी, उसी तरह फिर अपरेंटिसशिप पूरा करने वालो को सेवा में लिया जाए ! उन्होंने कहाकि काफी संघर्ष के बाद फैडरेशन ने लार्सजेस स्कीम को हासिल किया था, कुछ कानूनी अड़चने जरूर आई है, लेकिन भारतीय रेल पर पहला हक उनके बच्चों का है, उन्हें इस स्कीम के तहत नोकरी मिलनी ही चाहिए ! NPS का विरोध पहले की तरह जारी रहेगा, फेडरेशन की मांग है कि पुरानी पेंशन बहाल होनी ही चाहिए ! रिइगेजमेंट से फेडरेशन सहमत नही है, हम चाहते है कि रिटायरमेंट के बाद लोग घर जाएं औऱ नए बच्चों को नोकरी का मौका मिले !
अधिवेशन को एआईआरएफ कोषाध्यक्ष जे आर भोसले ने भी संबोधित किया और कहाकि आज युवाओं को एकजुट होकर सरकार के खिलाफ संघर्ष में आगे आना होगा, क्योंकि उन्हें रेल में अभी लंबे समय तक नौकरी करनी है, अगर अपना और रेल का भविष्य बेहतर बनाना है तो संघर्ष के अलावा कोई विकल्प नहीं है। श्री भोसले ने सरकार पर हमला करते हुए कहाकि भारतीय रेल देश की लाइफ लाइन है, इससे किसी तरह का छेडछाड़ बर्दास्त नहीं किया जा सकता । अधिवेशन को मंडल रेल प्रबंधक के साथ जयपुर के विधायक ने भी संबोधित किया।
एनडब्ल्यूआरईयू के महामंत्री मुकेश माथुर ने एआईआरएफ के इतिहास की चर्चा करते हुए कहाकि फैडरेशन ने कर्मचारियों के हितों के लिए हमेशा से ही संघर्ष किया है और आगे भी करता रहेगा। उन्होने कहाकि भारतीय रेल को बेचने की सरकार की कोशिश को हम सब कामयाब नहीं होने देंगे। श्री माथुर ने महामंत्री से कहाकि एआईआरएफ से आदेश मिलते ही एनडब्ल्यूआर में पूरी तरह रेल का चक्का जाम कर दिया जाएगा। यहां से एक भी ट्रेन आगे नहीं बढ़ पाएगी। अधिवेशन की अध्यक्षता जोनल अध्यक्ष भूपेन्द्र भटनागर ने किया। इस अधिवेशन में चेन्नई में पारित प्रस्तावों पर भी विचार करने के बाद तय किया गया कि इसका पूरी तरह पालन किया जाएगा।

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