xpornplease.com pornjk.com porncuze.com porn800.me porn600.me tube300.me tube100.me watchfreepornsex.com
Published On: Thu, Jan 21st, 2016

Strike in Railway is imminent – Com. Shiva Gopal Mishra

Share This
Tags

Strike in Railway is imminent  – Com. Shiva Gopal Mishra

नई दिल्ली  वेतन विसंगतियों और अन्य मांगों का लेकर एक बार फिर रेलकर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। अनिश्तिकालीन हड़ताल के लिए 11-12 फरवरी को कर्मचारियों के बीच गुप्त मतदान कराया जाएगा। इस मतदान के जरिये कर्मचारी अपनी हां और न बताएंगे। 13 फरवरी को गुप्त मतदान के परिणाम आने के बाद हड़ताल के लिए सरकार को नोटिस दिया जाएगा। यह हड़ताल केवल रेलकर्मियों की ही नहीं होगी, बल्कि इसमें अन्य केंद्रीय कर्मचारी भी शामिल होंगे। यह घोषणा सोमवार को यहां ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने पत्रकार वार्ता में की। उन्होंने बताया कि 36 लाख केंद्रीय कर्मचारियों में से अकेले 13 लाख रेलकर्मी हैं। सभी केंद्रीय कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को तैयार हैं और वे अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। सभी केंद्रीय कर्मचारियों के फेडरेशनों की एक ज्वाइंट एक्शन कौंसिल बनी हुई है और सभी एक साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को तैयार हैं। रेलवे और कुछ अन्य औद्योगिक संस्थानों के कुल 18 लाख कर्मचारियों के बीच गुप्त मतदान होगा। बाकी केंद्रीय कर्मी बिना गुप्त मतदान के हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। गुप्त मतदान के लिए रेलवे के छह हजार स्टेशनों पर बॉक्स रखे जाएंगे और 13 फरवरी को परिणाम आ जाएगा। इसके बाद अगली रणनीति तय की जाएगी। इससे पहले 19 से 21 जनवरी तक सभी केंद्रीय कर्मचारियों के साथ मिलकर तीन दिवसीय धरने पर बैठने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में एआईआरएफ 25 जनवरी से 10 फरवरी तक रेलकर्मियों को जागरूक करने के लिए जनजागरण अभियान चलाएगा। उन्होंने खासतौर पर रेलवे के बारे में कहा कि वर्तमान में लोको पायलट, सहायक रेलवे मास्टर और ट्रैक मैन सहित रेलवे में करीब ढाई लाख पद खाली हैं। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट भी कर्मचारियों के हित में नहीं है। कम से कम कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को 18 हजार प्रतिमाह से बढ़ाकर 26 हजार रु किया जाना चाहिए। सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के मुताबिक रेलवे पर 32 हजार करोड़ रु का अतिरिक्त भार आएगा और रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इसे ‘‘असहनीय’ करार दिया है। नई पेंशन योजना पर उन्होंने कहा कि इसकी समीक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि इसमें कई विसंगतियां हैं।

indefinite-strike

About the Author

Leave a comment

You must be Logged in to post comment.