Published On: Thu, Aug 8th, 2019

साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे श्रमिक यूनियन का केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक और आमसभा

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– साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे श्रमिक यूनियन का केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक और आमसभा
लाल झंडे को झुकने न दें श्रमिक यूनियन के युवा कार्यकर्ता : शिवगोपाल मिश्रा
भिलाई ( रायपुर ) 26 जुलाई । साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे श्रमिक यूनियन द्वारा भिलाई के सांस्कृतिक भवन चरौंदा में आयोजित आमसभा में आँल इंडिया रेलवे मेन्स फैडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहाकि युवाओं के उत्साह को देखते हुए मैं ये दावा कर सकता हूं कि श्रमिक यूनियन लाल झंडे को झुकने नहीं देगी। महामंत्री ने दोहराया कि भारतीय रेल को बचाने के साथ ही पुरानी पेंशन बहाली के लिए होने वाले निर्णायक आंदोलन में युवाओं को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी । इसी आमसभा में मौजूद नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन मुंबई सेंट्रल के महामंत्री वेणु पी नायर ने कहाकि यूनियन ताकत से चलती है मान्यता से नहीं , जरूरी ये है कि हम अपनी ताकत में इजाफा करें , इससे साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे हमारी मुट्ठी में होगी।
श्रमिक यूनियन को एआईआरएफ की मान्यता मिलने के बाद हुई आज पहली जनसभा में महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहाकि एआईआरएफ की वर्किंग कमेटी की बैठक में श्रमिक यूनियन को सभी की सहमति के आधार पर मान्यता दी गई है, ऐसे में अब किसी को भी किसी तरह का शक नहीं होना चाहिए। अब हमें आने वाली चुनौतियों को सामना करने के लिए लोगों को एकजुट करने की जरूरत है और पूरी ताकत से लक्ष्य को हासिल करने के लिए जुट जाना चाहिए। महामंत्री ने कहाकि यूनियन नेताओं से नहीं कार्यकर्ताओं की वजह से चलती है, ऐसे में जरूरी है कि हम एक एक रेलकर्मचारी से संपर्क करें और उन्हें अपनी नीतियों, कार्यों, उपलब्धियों की जानकारी देकर अपने साथ जोड़ें । आज रेल में युवाओं और महिलाओं की संख्या काफी अधिक है, ऐसे में उन्हें भी हमें भागेदारी देनी होगी। श्री मिश्रा ने कहाकि हर शाखा में युवाओं और महिलाओं की इकाई का गठन सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
महामंत्री ने कहाकि इस समय हमारे सामने दो चुनौतियां हैं। एक तो रेल को बचाने की है और दूसरी आने वाला रेफरेंडम है। रेल को बचाने के लिए रेफरेंडम में भी हमें बेहतर प्रदर्शन करना ही होगा। महामंत्री ने कहाकि आज श्रमिक यूनियन का नेतृत्व मजबूत और कुशल हांथो में है । इतना ही नहीं उत्साह से भरे युवा कार्यकर्ताओं की पूरी टीम आपके साथ है, ऐसे में कोई ताकत हमें चुनाव में अपेक्षित परिणाम देने से नहीं रोक सकती। महामंत्री ने कहाकि कुछ लोग भटके हुए हैं और वो गलत रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है, पर्याप्त समय है , अगर वो समझते हैं कि एकता में शक्ति है तो उन्हें भी लाल झंडे को आगे बढ़ाने के लिए जुट जाना चाहिए।
जहां तक बात रेल को बचाने की है, हमने सरकार और मंत्रालय को साफ कर दिया है कि अगर भारतीय रेल के निजीकरण और निगमीकरण की ओर सरकार एक इंच भी आगे बढ़ी तो देश में भारतीय रेल का चक्का जाम होगा। जब हम कर्मचारियों की मांगो पर सरकार से बात करते हैं तो हमें बताया जाता है कि रेल का आँपरेटिंगरेशियो 122 हो गया है, ऐसे में रेल पर और बोझ नहीं डाला जा सकता है। महामंत्री ने कहाकि जब 50 फीसदी सब्सिडी पर ट्रेन का संचालन किया जाएगा तो आपरेटिंगरेशियो को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए कर्मचारी नहीं बल्कि भारतीय रेल की नीतियां जिम्मेदार है। रेल कर्मचारी पूरी मेहनत और कम संसाधनों में ट्रेनों का बेहतर संचालन कर रहे हैं।
एनपीएस की चर्चा करते हुए महामंत्री ने कहाकि आज कहा जा रहा है कि 2004 में जब एनपीएस लागू हुआ, उस वक्त हम कहां थे। महामंत्री ने कहाकि एनपीएस का विरोध हमारे पूर्व महामंत्री स्व. जेपी चौबे ने 2002 से ही शुरु कर दिया था और कई पत्र बोर्ड को लिखे। एनपीएस की लड़ाई पहले भी हम लड़ रहे थे और आज भी लड़ रहे हैं। हमने साफ कर दिया है कि पुरानी और गारंटीड पेंशन की बहाली से कम पर हमें कुछ भी स्वीकार नहीं है। लार्सजेस, रनिंग एलाउँस, ट्रेकमैन के बारे में भी महामंत्री ने विस्तार से चर्चा की और कहाकि रेलकर्मचारियों की बेहतरी के लिए एआईआरएफ के अलावा किसी में लड़ने की ताकत नहीं है।
नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन मुंबई सेंट्रल के महामंत्री और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वेणु पी नायर ने अपने जोशीले भाषण से युवाओं में उत्साह भरने का काम किया। श्री नायर ने कहाकि आज सरकार रेलकर्मचारियों को आपस में लड़ाने की साजिश कर रही है, हमें सरकारी साजिश का शिकार होने से बचना होगा। महामंत्री ने कहाकि यूनियन मान्यता से नहीं ताकत से चलती है। आज जरूरत है कि हम अपनी ताकत बढ़ाने का काम करें। उन्होंने कहाकि युवाओं का उत्साह देखकर हम कह सकते हैं कि चुनाव तो हम जीत जाएंगे, सवाल ये है कि कितने मतों के अंतर से चुनाव जीतते हैं।
सरकार के 100 दिन के कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए श्री नायर ने कहाकि ये हमें मंजूर नहीं है, न हम रेल का निजीकरण होने देंगें और न ही उत्पादन इकाइयों और कारखानों का निगमीकरण होने देंगे। अगर ऐसा कुछ हुआ और एआईआरएफ महामंत्री ने इशारा भर कर दिया तो आधे घंटे के अंदर मुंबई में रेल का चक्का जाम हो जाएगा। हम ये दावा अपने जुझारू रेलकर्मी साथियों के बल पर करते है, हमने अपनी ताकत बढ़ाई है, ऐसे में आप भी अपनी बिखरी ताकत को समेंटे। श्री नायर ने कहाकि रेल मंत्रालय एक और साजिश कर रही है, 55 साल के कर्मचारियों को वीआरएस देने की तैयारी है। इसका भी एनआरएमयू सख्त विरोध करती है। हमने ऐलान किया है कि अगर एक भी कर्मचारी को वीआरएस देने की कोशिश हुई तो सरकार को इसका नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
सरकार की दोहरी नीति की चर्चा करते हुए महामंत्री ने कहाकि महिलाओं को रेल में भर्ती तो किया जा रहा है, लेकिन उनके लिए सुविधाओं पर बात नहीं होती। महिलाओं के शौंचालय की व्यवस्था करने की बात होती है तो आज ये मसला पीएनएम का एजेंडा होता है, ये कितना शर्मनाक है।
साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे श्रमिक यूनियन के महामंत्री मनोज बेहरा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहाकि आँल इंडिया रेलवे मेन्स फैडरेशन ने हमारी यूनियन पर जो भरोसा दिखाया है, हम उस पर खरे उतरने के लिए पूरी ताकत लगा देगें। हमारे एक एक साथी तब तक चैन से नहीं बैठने वाले है, जब तक की हम चुनाव में बाजी नहीं मार लेते। इस सभा को नागपुर मंडल संयोजक एस के सिन्हा, रायपुर मंडल संयोजक राजेश डोंगरे एवं विलासपुर मंडल संयोजक संजय सिन्हा ने भी संबोधित किया। सभा में ट्रेकमैंटेनर, आँल इंडिया लोको रनिंग एसोसिएशन, एस सी एसटी, ओबीसी एवं आरपीएफ के प्रतिनिधि मंच पर मौजूद थे।
इसके पूर्व महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा और वेणु पी नायर के चरौंदा पहुंचने पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और मुख्यमार्ग , रेलवे कालोनी होती हुई सभा स्थल पर पहुंची ।
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Manoj Behra,
General Secretary,
S.E.C.R.S.U

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