Published On: Sun, Oct 7th, 2018

का. शिव गोपाल मिश्र की रेल कर्मियों की मांगो को लेकर ग्रह मंत्री से मुलाकात

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नई दिल्ली – पुरानी पेंशन बहाल किए जाने समेत कई अन्य मांगों को लेकर भारत सरकार के गृहमंत्री राजनाथ सिंह से आँल इंडिया रेलवे मेन्स फैडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने मुलाकात कर रेल कर्मचारियों की नाराजगी से उन्हें अवगत कराया । महामंत्री ने उन्हें याद दिलाया कि जुलाई 16 में जब एनजेसीए ने प्रस्तावित हडताल स्थगित की थी , उस समय जितने भी वायदे आपकी अगुवाई वाले मंत्री समूह ने की, उसमें से कोई मांग पूरी नहीं हुई है। ऐसे में अब रेलकर्मचारी आर पार के लिए तैयार बैठे हैं । गृहमंत्री ने भरोसा दिलाया कि हम कर्मचारियों को नाराज नहीं रहने देंगे।
देश भर के रेलकर्मचारियों ने एआईआरएफ के आह्वान पर 4 अक्टूरबर को “काला दिवस” मनाया। काला दिवस का मुख्य मुद्दा था लारजेस ।
एआईआरएफ ने लारजेस स्कीम की शुरुआत के लिए काफी संघर्ष किया और सही मायने में इस स्कीम से रेलवे को ही फायदा हो रहा है, फिर भी इस स्कीम को खत्म करने की साजिश की जा रही है। यहां तक की रेलवे बोर्ड ने 26 सितंबर 18 को लारजेस स्कीम को समाप्त करने का फरमान ही जारी कर दिया। खबर मिलते ही आँल इंडिया रेलवे मेन्स फैडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने इस मामले में रेलवे बोर्ड चेयरमैन से बात की औऱ कहाकि ये स्कीम काफी प्रयासों और संघर्ष के बाद एआईआरएफ ने हासिल की है, इसे इस तरह अचानक खत्म किया जाना ठीक नहीं है। महामंत्री के विरोध के बाद बोर्ड चेयरमैन ने 24 घंटे के भीतर एक संशोधित आदेश जारी कर अपने 26 सितंबर 18 वाले आदेश को रद्द कर दिया, लेकिन उन्होंने लारजेस स्कीम तहत तैनाती की शुरुआत नहीं की, बल्कि इस मामले को होल्ड ( स्थगित ) कर दिया। बोर्ड के इस तुगलकी फरमान के खिलाफ एआईआरएफ ने 4 अक्टूबर को देश भर में “ काला दिवस “ मनाने का ऐलान किया और सभी कर्मचारियों से कहा गया कि वो अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांध कर काम करें।
एआईआरएफ महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा के आह्वान पर देश भर में रेल कर्मचारियों ने न सिर्फ काली पट्टी बांधी, बल्कि कई जगह काले कपड़ो में जुलूस भी निकाला । महामंत्री की उसी दिन शाम को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात हुई। महामंत्री ने उन्हें याद दिलाया जुलाई 16 को एनजेसीए की प्रस्तावित हड़ताल को जब स्थगित किया गया था, उसमें आपकी भूमिका महत्वपूर्ण थी, चूंकि सभी कर्मचारीनेताओं को आप पर भरोसा था कि जो आश्वासन दिया जा रहा है, उसे पूरा किया जाएगा। महामंत्री ने साफ कर दिया कि पुरानी पेंशन को बहाल किए जाने को लेकर अब रेलकर्मचारी ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते। महामंत्री ने कहाकि आमतौर पर सरकारें कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें नई नई सुविधाएं देती रही हैं, लेकिन पहली बार देखा जा रहा है कि रेल कर्मचारियों को जो सुविधाएं पहले से हासिल है, उन्हें एक साजिश के तहत बंद किया जा रहा है।
सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति हमें कत्तई मंजूर नहीं है। महामंत्री ने रनिंग स्टाफ के एलाउंस के बारे में गृहमंत्री को बताया कि आखिर क्या वजह है कि हर बात तय हो जाने के बावजूद रेलमंत्री के यहां फाइल रुकी हुई है। महामंत्री ने श्री सिंह को याद दिलाया कि उन्होंने भरोसा दिया था कि जल्दी ही वो वित्तमंत्री के साथ मीटिंग फिक्स कराने के साथ ही रेल कर्मचारियों की मांगो को पूरा कराने की कोशिश करेंगे। महामंत्री ने कहाकि रेलकर्मी नाराज है, वो सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना चुके हैं। काला दिवस के बाद 12 सितंबर को देश भर से रनिंग स्टाफ दिल्ली पहुंच रहा है, वो सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। इतना ही नहीं एआईआरएफ ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन को नोटिस दे दिया है, जिसमें कहा गया है कि अगर हमारी सभी मांगो पर सहानिभूति पूर्वक विचार कर उसे पूरा नहीं किया जाता है तो हम “वर्क टू रूल” पर चले जाएंगे।
महामंत्री की बातों को सुनने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने फिर आश्वस्त किया है कि हम रेल कर्मचारियों की नाराजगी को दूर करेगें। उन्होंने कहाकि उनका प्रयास होगा कि जल्दी ही वित्तमंत्री के साथ एआईआरएफ नेताओं की मीटिंग फिक्स कराई जाए, जिससे कर्मचारियों की जो भी समस्या है, उसका उचित समाधान संभव हो सके ।

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